(🇻🇳 6वां ग्रुप 30 अगस्त ~ 4 सितंबर) ट्रैवल डायरी.. होई आन आन बैंग बीच कैफे yesh
कैफे की नाकामी के बाद जोरदार सर्च!!! आखिरकार दोस्त ही सबसे बढ़िया है ढूंढने के लिए!!! अगला कैफे कौन सा जाएं? YESH! https://maps.app.goo.gl/8hYRjnFPpvbgxp1S6 जितना हो सके अनबांग बीच के पास वाला चुनने की कोशिश की!! दूरी है 4.6 किलोमीटर!! फिर से 10 मिनट दौड़ते हैं!!!

पहुंच गए!!! एक ऐसी गली में जो देखने में शक होता है कि क्या यही सही रास्ता है, वहीं बसा है ब्रंच कैफे yesh!!! पेस्टल रंग की दीवारें मानो कह रही हों, "हां, तुम जिसे ढूंढ रहे हो वो जगह यहीं है~~" दीवार के पास पार्किंग पूरी!!


ज़्यादा बड़ा नहीं ऐसा बगीचा है, लेकिन उसे बहुत प्यारे ढंग से सजाया गया है। वहाँ मौजूद सभी लोग विदेशी थे। लगता है वे सुबह का ब्रंच खाने आए थे। अंदर एक चक्कर लगाने पर लगा कि वे साथ में लॉजिंग (रहने की सुविधा) का काम भी करते हैं!





खुलने का समय बहुत कम है। सुबह 7:30 बजे ~ दोपहर 2:30 बजे

मालिक खुद विदेशी सज्जन हैं और खुद ही दुकान चलाते हैं, और हमेशा की तरह मुझे अंग्रेज़ी बिल्कुल नहीं आती, तो मैंने टूटी-फूटी अंग्रेज़ी में बस अभिवादन ही किया। अभिवादन के बाद, मैंने तस्वीरों वाली मेन्यू बुक देखकर ऑर्डर कर दिया हाहाहा (साथ ही मन ही मन कह रही थी, 'कृपया अंग्रेज़ी में कोई एक्स्ट्रा ऑप्शन चुनने के लिए मत पूछना~') और फिर स्वाभाविक रूप से ऑर्डर करने के बाद!!!




बगीचे की दीवार के बगल में बैठी!!!! बैठकर थोड़ा आराम किया तो तभी जाकर कैफे के अंदर का नज़ारा नज़र आया। गूगल पर सर्च करके देखा तो पता चला कि यह जगह कोरियाई लोगों के बीच काफी मशहूर है। मैंने जो खाना ऑर्डर किया था वो आ गया। गरम कॉफी पीने का मन था इसलिए कॉफी लिया 30,000 दोंग कोरियन एग ड्रॉप हाहा (एग ड्रॉप जैसा ही) 145,000 दोंग इसे ओवरनाइट ओट-अ-लिशियस कहते हैं ओवरनाइट ओट्स, चिया, केला, नारियल का दूध और उष्णकटिबंधीय फल... इतना पेट भरने वाला खाना है कि क्या कहूं, हाहा। 90,000 दोंग। मैंने ऑर्डर कर दिया! खाने की फोटो अच्छी खींचना तो मेरी दोस्त को आता है, तो बाद में दोस्त की खींची फोटो में देख लेना, हाहा।





दो घंटे बाद मुझे लंच खाना है, लेकिन मेरा पेट अभी तक खाली ही नहीं हो रहा—बड़ी मुसीबत हो गई है। खाते-खाते मालिक बार-बार आकर बड़बड़ करने लगे, हाहा। उन्होंने हल्के हरे रंग की सॉस दी और जमकर बातें कीं!!! बोले "यह मसालेदार है, कोरियाई लोगों को बहुत पसंद है~ चखो तो, स्वाद कैसा है? अच्छा लगा?" वगैरह-वगैरह—लगता है उन्हें बहुत सारी जिज्ञासाएँ थीं। जब मैंने उन्हें अपना लिखा गूगल रिव्यू दिखाया, तो वे खिलखिलाकर हंस पड़े!!! न जाने किसका कुत्ता था, इधर-उधर घूमता हुआ अचानक हमारी टेबल के बगल में आकर धड़ाम से लेट गया!!! काफी देर तक बैठा रहा फिर कहीं चला गया।


बड़े तौर पर सिर्फ एक-दो जगहों को दिन के लिए ज़रूर जाने वाली जगह के तौर पर तय करके, बाकी जगहों को उसी वक़्त तय करने वाला यह यात्रा स्टाइल मुझे बहुत पसंद आता है। कैफे के आँगन में करीब एक घंटे तक अच्छे से आराम करने के बाद!! फिर से आगे बढ़ना!!! इस पोस्ट में वीडियो नहीं है..ㅡ.ㅡ तो अफ़सोस मिटाने के लिए, गाड़ी चलाते वक़्त मिला यह बिल्कुल न डरने वाला जीव!!!!

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